वेब क्रॉलिंग क्या है Web crawling kya hai

वेब क्रॉलिंग क्या है – Web crawling kya hai

जब आप किसी वेबसाइट को बनाएं है उस समय इसे सर्च इंजन में रैंक करना थोड़ा मुस्कील होता है। चाहे हो गूगल सर्च इंजन हो या बिंग या याहू हो आपको SERPs (Search Engine Results Page’s) के पहले पेज तक रैंक करना जरूरी होता है। तभी आपकी वेबसाइट पर ज्यादा ट्रैफिक आता है।

इसलिए हम इसी में जो की क्रोलिंग की बेसिक प्रक्रिया है उसको जानने वाले हैं। और इस पेज पर जानेंगे की Web Crawling क्या है. Web Crawlers कैसे काम करती है? ऐसे कई सवाल को आप इस पोस्ट में जानने वाले है।

Web Crawling kya hai

आपको पता ही होगा की इस वर्ष में बहुत भारी मात्रा में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बड़ रही है और आगे भी इसका ही जमाना आने वाला है। ऐसे में गूगल और बिंग दोनो ही खोज इंजन में अंदर रैंकिंग और Web Crawlers के तरीके को बदला जा रहा है, एवं उन्ही वेबसाइट को शीर्ष में दिखाया जा रहा जो यूजर्स को सही जानकारी मुहैया करा रही।

यदि आप गूगल के ब्लॉगर का इस्तेमाल कर रहे है और आप चाहते हो की वर्डप्रेस वेबसाइट की ओर बढ़े। लिखी आप होस्टिंग और डोमेन के लिए परेशान हो रहे की कहा से ले तो आप हमारे बेस्ट 5 होस्टिंग नए ब्लॉगर्स के लिए Best 5 Cheap Hosting For Beginner Bloggers के पेज को पढ़ सकते है। और फिर भआई आपको कोई समस्या आ रही है तो आप हमसे संपर्क करें ताकि आपको हमारी टीम सही होस्टिंग परचेज करने में सहायक हो।

आपको बता दे की जब आप अपनी वेबसाइट को Google में सबमिट या पब्लिक करते है। तो गूगल सबसे प्रथम कार्य आपकी वेबसाइट को Crawling द्वारा ही परखता है। और इस Crawling में आपके कंटेंट की भी जांच परख होती है।उसके बार गूगल आने निर्णय अनुसार SERPs (Search Engine Results Page’s) में आपके पोस्ट या पेज को रैंक करने प्रारंभ करती है।

यदि कोई भी वेस्ट सही रूप से Web Crawling के नियमों को पालन करती है और उस पर मौजूद हर पोस्ट को सही तरीके से क्रोल किया का रहा इसका मतलब के वह अच्छे से अपने Web Crawling को संभाले हुए है। अब नीचे हम आपको बताने वाले है की Web Crawling kya hota hai, आपके पोस्ट के SEO में Web Crawling क्या महत्व रखता है। Google के कौन से Ranking Factors Crawling करते है। ऐसे कई जानकारी के लिए अपना पढ़ना जारी रखे।

Web Crawling क्या है? 

जब भी इंटरनेट के सहारे गूगल पर कोई यूजर कुछ भी खोजता है । तो गूगल के बोट्स अपने Google server के database में संग्रहित सूचनाओं या अपडेट्स को यूजर के लिए निकलकर लाता है। ये सभी Relevant होते है। जो परिणाम यूजर्स के सामने दिखाई देते है इस समय की इस प्रक्रिया को Web Crawling कहते है। ओर जो जानकारी Search करते है, उन उपक्रम को Web Crawler , Spider या Bots बोलते है।

अन्य भाषा में Crawling का अर्थ है Particular रास्ते से अनुसरण करना । आप वेबसाइट पर जब वेब पेज पर किसी भी लिंक से जाते है चाहो वो Internal linking हो या External linking हो। तब Google के Web Crawler उन्ही के जरिए आपकी वेबसाइट तक पहुंच मार्ग बनते है। और Indexing प्रक्रिया हेतु उत्सुक रहते है। एक बार जब Indexing प्रोसेस पूरी हो जाती है तब SERPs में रैंक होना प्रारंभ हो जाता है।

अगर आप नवीन ब्लॉगर्स में से हो तो आपको अपनी रैंक में slow rank की समस्या होगी। उस समय आप Sitemap का अच्छे से बनाए क्योंकि इसमें आपके वेबसाइट के हर पेज के लिंक्स होते है। और गूगल के डायरेक्ट साइटमैप भी सबमिट कर सकते है।

SEO में Web Crawling क्या महत्व रखता है।

वेबसाइट का SEO का भाग बहुत जटिल है लेकिन फिर भी हम कुछ न कुछ हर किसी को आता है। SEO का मतलब है search engine optimization। जब आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के ऊपर SEO को गुणवत्ता वाला भाग निर्मित करते है तब आपको वेबसाइट उच्च परिणाम एवं Organic traffic को पाने में सफल रहती है।

Web pages को Crawling की स्थिति में गूगल के लिए ready कही जाती है। क्योंकि Website को रैंक कराने के लिए Crawling सबसे पहला स्टेप है।

आपको बता दें की किसी भी Pages की crawling अच्छी रहती है तब On Page SEO और Off Page SEO द्वारा व्यक्त करते है। यदि किसी पेज को क्रोलिंग नही करना हो उस समय आप No Index Meta Tag को इस्तेमाल करते है। Web Crawling में एस ई ओ और Crawlers दोनों रहकर काम करते है।

Web Crawlers कैसे काम करते है?

ऊपर की ओर अपने जाना की Google Crawling क्या है और SEO के अंदर क्या महत्व है। उसके बाद अब हम आपको Web Crawlers कैसे काम करते है उन्हें जानने की चेष्ठा करते है मान लीजिए की आप अपने किसी पेज को गूगल SERPs टॉप पर रैंक कर रखी है। उस पर दैनिक रूप से visitors आते है। और उससे आपके web pages को अच्छे खासे विजिट्स मिलते है।

ऐसे में जब कोई नए विजीटर्स को आपके अलावा अच्छा कंटेंट मिलता है तो वह इसे वह पर रैंक करने के लिख अभी कभी परिणामों में शमिल करते है। जिसके बाद यूजर्स के अच्छे अवसर मिलने से एवं वह रैंक होने के चांस राहत है। इसके लिए Google Search Engine पर उपलब्ध एवं सबमिट करना एवं अपने पुराने pages को जब आप अपडेट करता है Crawlers इस समय जिम्मेदार से कंटेंट की जांच करते है।

और अपने crawler crawling की साधारण प्रक्रिया को प्रारंभ करते है। Web crawler search queries के Google Search Console सबमिट यूआरएल के अनुसार ही मुख्य relevant pages को आपस में कंपेयर करके रैंक अनुसार जमाया जाता है।

यदि अभी भी आपको समझ नही आ रहा है तो कोई बात नही एक उदाहरण से बताते है। मान लो कोई User गूगल के खोज इंजन में टाइप करता है की “गूगल किस देश की कंपनी है” । तो उसी समय Web Crawlers “गूगल किस देश की कंपनी है” के जैसे रिलेटेड पेज के Meta Description, Heading (H1, H2), Hyperlink, Passage Indexing आदि में search करना प्रारंभ कर देता है। और जो परिणाम एकदम relevant होता है उन्हें आपके सामने क्रम से प्रस्तुत करता है। Google उन्ही परिणामों को user को दिखाता है Web Spiders के यह क्रिया बहुत कम समय में या यू कहे की मिनी सेकंड्स में परिणाम दिखाने होते है। इसलिए web page Crawl करने का मान कंटेंट पब्लिक होने के समय ही करवा लिया जाता है। और उसे particular जगह एवं कीवर्ड पर जगह प्रदान कर दी जाती है। आपको बता दें की जब भी page की Crawling करने के बाद फिर कब उस Updated web page को crawling करना यह सब policy पर निर्भर करता है।

Crawling के कुछ Ranking तथ्य

Ranking में Crawling को कैसे Affect करते है और ये तथ्य आपकी वेबसाइट को प्रभावित रूप से कार्य करने में मदद प्रदान करते है। जैसे की आपको तो तक है की इंटरनेट पर कई millions वेबसाइट उपलब्ध है। लेकिन websites Google के Crawling और Indexing उन्ही को करता है जो बहुत ही यूनिक और रिलीवेट हो। आपको यह जानकर दुख हो सकता है की अधिकतर नए लोग अपना अनुभव को ज्यादा समान तक न रखकर वे सिर्फ 3 से 4 महीने में अपने वेबसाइट को बंद कर देने है । उन्हें लगता है की अब कुछ नही हो पाएगा । लेकिन यह उनकी गलती है। वे अपने websites search engine result page पर rank ही नहीं कर पाते है। आपको बता दें की उन्हें हमारे ये कुछ नीचे दिए गए Ranking Factors पर कार्य करने की जरूरत है जिसके बाद आप गूगल के परिणामों ने आपकी वेबसाइट दिखाई देना प्रारंभ कर देंगी। ये कुछ नीचे है –

1. XML Sitemap

यदि आप किस वेबसाइट को WordPress पर बनाते है उस समय XML Sitemap जरूर इस्तेमाल करना चाहिए। आप जब एक बार सही Sitemap generate कर लेता है उस समय आपको कुछ बदलाब या साइटमैप की छेड़खानी नही करना है। यह Automatic update होता रहता है।

और आपको बता दें की Website update सभी होने से Web crawlers sitemap को आसानी से crawl और रैंक करने में मदद करते है।

2. Robots.txt

आपके वर्डप्रेस पर Robots.txt file को जरुर तैयार करे एवं अपने क्योंकि यह सभी Web crawlers को सही रूप से आदेश देती है। किसी किस किस पेज को या पोस्ट को bots द्वारा अनुमति दी गई है। Neil Patel का यह मानना है की Bots से ही Crawling का कार्य होता है। कोई भी Bots या crawler सबसे पहले इसी फाइल के अनुसार करती है। जब इसका आभाव होता है तो उस समय वह अपने हिसाब से क्रोलिंग प्रक्रिया करते है।

3. Internal Linking

जब आप अपने पोस्ट को किसी अन्य पोस्ट के साथ लिंक द्वारा जोड़ा जाता है । तो वह Internal Linking होता है। आपको बता दें की इसे deep Linking भी बोलते है। जब crawlers आपके पोस्ट को crawl कर रहे हो एवं उसमे आने वाली लिंक्स के भी अनुसरण करके संबंधित पेजेस तक पहुंचते है। जिससे उन्हें भी रैंक मिलती है।

जब रैंक मिलती है तो ट्रैफिक भी बढ़ता है। और वेबसाइट पर विजीटर्स एवं क्रेलर के विश्वास को भी जीता जाता है।

4. Backlinks

जब आप अपनी वेबसाइट के लिए किसी अन्य वेबसाइट से लिंक लेते है तो आपको Backlinks मिलते है। जिससे आपकी साइट की value बढ़ती है।

कभी कभी आपकी वेबसाइट पर कोई भी backlinks का न होने से भी आपकी website Search Engine में रैंक नही हो पाती है।

Web Crawling kya hai: निष्कर्ष

आपने यह पेज पर Web Crawling kya hai ? के संबंध ने कई सारे शब्दों में तथ्यों के अनुसार किए। यह आपको कैसा लगा कॉमेंट में बताए एवं अन्य दोस्तों को भी पहुंचाए। ताकि वे भी Web Crawling को जान सके। क्योंकि आज कल इंटरनेट पर हर कोई खोजता रहता है।उन्हें ऐसे ज्ञान होना जरूरी रहता है।

Leave a Comment

Your email address will not be published.